मैं सत्य हूँ
अटल हूँ
तपता हुआँ सूरज हूँ
शांत कोमल छाव हूँ
मैं कुछ तुझं जैसा हूँ
तू कुछ मुझं जैसा हैं
फिर भी तू मेरी परछाई हैं
तू आभास है
पर मैं सत्य हूँ
अटल हूँ........
अटल हूँ
तपता हुआँ सूरज हूँ
शांत कोमल छाव हूँ
मैं कुछ तुझं जैसा हूँ
तू कुछ मुझं जैसा हैं
फिर भी तू मेरी परछाई हैं
तू आभास है
पर मैं सत्य हूँ
अटल हूँ........
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