हर तुटते हुए तारेसे
आपसे मिलानेकी गुज़ारिश की है
झुके हुए सर से सिर्फ
आपको पाने की ख्वाईश की है...........
जीने दो मुझे भी
ए दुनियांकी रसमों
कुछ और नहिं बस
मोह्हबत ही तो की है.........
आपसे मिलानेकी गुज़ारिश की है
झुके हुए सर से सिर्फ
आपको पाने की ख्वाईश की है...........
जीने दो मुझे भी
ए दुनियांकी रसमों
कुछ और नहिं बस
मोह्हबत ही तो की है.........
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